विष्णु चंसौलिया की रिपोर्ट।
0 बढ़े दामो पर किसानों को मिल रही खाद, प्रशासन मौन
00 स्टाक बोर्ड पर कम जबकि स्टाक मे ज्यादा बोरियां
उरई। एक अोर जहां प्रदेश की लोकप्रिय योगी सरकार किसानों की भलाई के लिये खाद का पर्याप्त वितरण जनपद बार भेज रही है। वहीं दुसरी अोर जनपद बैठे माफिया दुकानदार अपनी मनमानी से प्रत्येक यूरिया की बोरी पर 30 से 35 रुपये अतिरिक्त वसूल रहे है। साथ ही कालाबाजारी करने मे भी शामिल है। इसके इलावा पी० यू० एस० मशीन मे बिना फीड़ किये बिना आधार एंव बिना रसीद के खाद का वितरण कर रहें है। इसी की जांच करने जब प्रेस की टीम शहर मे स्थित गल्ला मण्ड़ी पहुंची तो लगभग सभी दुकानों का हाल एक सा नजर आया। प्रेस की टीम ने रक्षक ट्रेडर्स पर पहुंच कर ट्रेडर्स की प्रोपराइटर विनीता गुप्ता से 10 बोरी यूरियां खरीदने की बात कही। इस पर विनिता गुप्ता द्वारा बताया गया कि प्रत्येक यूरिया कृभको व उत्तम कम्पनीं की 330 रूपये की पड़ेगी। तो प्रेस की टीम ने सवाल किया कि बोरी पर तो 299 रूपयें लिखे हैं। तो उनके द्वारा बताया कि कानपुर से ट्रक पर खाद आती है जिसमे 25 रूपयें प्रति बोरी भाड़ा लगता हैं। वहीं बैठे विनीता गुप्ता के पति प्रदीप गुप्ता से जब पूंछा गया कि आधार कार्ड नही है यूरिया खाद की बोरियां मिल जायेंगी तो वह बोले हां मिल जायेगी। जब उनसे पी० यू० एस० मशीन के बारे मे पूंछा की आपकी दुकान मे पी० यू० एस० मशीन नही है तो उन्होनें बताया कि ग्राहको भड़भड़ मे हम मशीन को आॅपरेट नही कर पाते है इस लिये पी० यू० एस० अन्दर रखी शाम को चढ़ाते है । आपको बताते चले कि नियमनुसार पी०यू०एस० मशीन चढ़ा कर रही खाद बेचना चाहिए । जब उनसे पक्की रसीद मांगी गयी तो उन्होने बताया कि रसीद हम कच्ची ही दे पायेंगे । प्रेस की टीम को रक्षक ट्रेडर्स पर कई सारी विसंगतियां मिली जिनमे पी०यू०एस० मशीन का न होना, रेट बोर्ड पर रेट न लिखे होना, स्टाक बोर्ड पर कम जबकि स्टाक मे ज्यादा बोरियां होना, रसीद न निर्गत करना लगभग सभी खामियां मिली । कामोबेश ऐसा ही हाल सांई एजेंसी व अन्य दुकानदारों का था । इस बारे मे पूर्व गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष पम्मी सेठ से पूंछा गया तो उन्होनें कहा कि रेट लिस्ट न होना, रेट से अधिक बेचना किसानों के साथ अन्याय करना है। बिना आधार अौर बिना पी०यू०एस० मशीन मे चढ़ाकर कालाबाजारी करना एंव रसीद न देने वाले दुकानदारों के खिलाफ जिला कृषि अधिकारी व जिला प्रशासन से कड़ी कार्यवाहीं करने की मांग की। इस बावत जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह को जानकारी देकर उनसे फोन बात की गयी तो उन्होनें बताया कि वह किसी भी दिन जाकर दुकानो स्थलीय निरीक्षण करेंगे । अगर विसंगतियां मिलती है तो लाइसेंस निरस्त्रीकरण के साथ ही विभाग द्वारा ऐसे दुकानदारों के विरूद्ध एफ आई आर दर्ज करवायी जायेगी।
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